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पीयूष मिश्रा बोले- बॉलिवुड में नेपोटिजम नहीं गुंडागर्दी और दादागीरी है

में कुछ ही कलाकार ऐसे हैं जो फिल्मों में अदाकारी के अलावा थिअटर, डायरेक्शन, राइटिंग, म्यूजिक और सिंगिंग जैसे कई तरह की कलाओं में पारंगत हैं। उनमें से एक हैं जिन्होंने गुलाल, गैंग्स ऑफ वासेपुर, रॉकस्टार, तेरे बिन लादेन, हैपी भाग जाएगी जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी का जलवा बिखेरा है। पीयूष मिश्रा भी बॉलिवुड के बाहर से आए हैं, ऐसे में हाल में चल रही की बहस पर भी उन्होंने खुलकर बात की।

‘नेपोटिजम होता तो मुझे नुकसान पहुंचा चुका होता’
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से पासआउट हुए पीयूष मिश्रा ने अपने बॉलिवुड के अनुभव पर कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री में तब आए जब उनकी जवानी खत्म हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि निजी तौर पर नेपोटिजम ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया क्योंकि कोई कपूर या खान परिवार उनके काम के रास्ते में नहीं आया। पीयूष मिश्रा ने कहा कि उनके लिए बॉलिवुड में नेपोटिजम है ही नहीं, अगर यह होता तो अब तक उन्हें नुकसान पहुंचा चुका होता।

झुकने को तैयार नहीं थे पीयूष मिश्रा
भले ही पीयूष मिश्रा बॉलिवुड में नेपोटिजम की बात से इनकार करते हों लेकिन वह यह मानते हैं फिल्म इंडस्ट्री में गुंडागर्दी और दादागिरी जरूर है। उन्होंने कहा कि बड़े स्टार और राइटर्स ये चाहते हैं कि नया आदमी आए, पहले उन्हें सम्मान दे तब जाकर उन्हें काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह हर आदमी पर निर्भर करता है कि वह पहले चापलूसी करता है या अपना काम। पीयूष ने कहा कि वह झुकने के लिए तैयार नहीं थे इसलिए अपने तरीके से काम करते रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी कुछ ठीक नहीं लगा तो उसे उन्होंने नहीं किया।

हर पार्टी ने इस्तेमाल किए पीयूष मिश्रा के गाने
अपनी अदाकारी के अलावा पीयूष मिश्रा अपने लेखन के लिए भी मशहूर हैं। उन्होंने कई फिल्मों के लिए मशहूर गाने लिखे हैं। उनके गानों का हर क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके गानों को सभी राजनीतिक पार्टियों ने चाहे कॉन्ग्रेस हो, बीजेपी हो या कम्यूनिष्ट पार्टियां, सभी ने इस्तेमाल किया है। उन्होंने बताया कि उनके गाने क्रिकेट वर्ल्ड कप, मिलिटरी के कार्यक्रमों में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्हें खुशी है कि भले ही उन्हें इस सब के लिए रॉयल्टी नहीं मिलती हो लेकिन ये गाने लोगों को पसंद आते हैं। पीयूष के मुताबिक उनका लिखा गाना ‘आरंभ है प्रचंड’ सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया है।

जावेद अख्तर के शुक्रगुजार हैं पीयूष मिश्रा
पीयूष मिश्रा का कहना है कि वह मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के बहुत शुक्रगुजार है। उन्होंने कहा कि जावेद अख्तर की संस्था इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसायटी के कारण ही आज राइटर्स को उनके लिखे गानों के लिए रॉयल्टी मिलती है। अगर आप उनकी संस्था से रजिस्टर हैं तो आपको अपने लिखे गाने पर हमेशा रॉयल्टी मिलेगी। पीयूष मिश्रा इसलिए भी इस संस्था से खुश हैं क्योंकि इससे कभी उन्हें किसी प्रड्यूसर के सामने रॉयल्टी की भीग नहीं मांगनी पड़ी। हालांकि उन्हें अभी तक शिकायत है कि बॉलिवुड में लेखक और गीतकारों को उतना सम्मान नहीं मिलता जिसके वह हकदार होते हैं।

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