गायिका सोना महापात्रा ने उन ट्रोलर को लताड़ लगाई, जिन्होंने उन्हें और बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू को उग्रवादी नारीवादी कहा था। इससे पहले, दिन में मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा की गई टिप्पणी असंगत है, जिसमें हाल ही में शीर्ष अदालत पर दुष्कर्म के एक आरोपी को पीड़िता से शादी करने के लिए कहने का आरोप लगाया था। तथ्य बिल्कुल गलत तरह से पेश किए जा रहे हैं। वो महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं और उन्होंने कुछ भी ऐसा नहीं कहा, जो महिला की गरिमा को ठोस पहुंचाए। कोर्ट के इस फैसले का तापसी और सोना ने विरोध किया था।
एक व्यक्ति ने ट्वीट कर कहा- ‘‘नारीवाद तापसी और सोना जो पुरुषों के साथ मैदान में हैं। कृप्या ध्यान दें। सुप्रीम कोर्ट की छवि धूमिल करने के लिए क्या आप उससे शादी करोगी?’’ ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सोना ने लिखा ‘‘यह एक विवाद का बोझ है। ऐसा कोई संदर्भ नहीं है, जिसमें यह सवाल जायज हो। स्पष्टीकरण से कुछ भी समझ में नहीं आता है। शादी किसी भी तरह का समाधान क्यों है?’’
दरअसल, पिछले हफ्ते एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी 23 वर्षीय व्यक्ति की जमानत की सुनवाई के दौरान पीठ ने आरोपी से पूछा था, ‘‘क्या आप उससे शादी करेंगे?’’ इस पर सोना ने कुछ दिनों पहले प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘‘यह मेरी गलती है। हां, यह वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के जज द्वारा पूछे गए सवाल थे।’’ वहीं तापसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था ‘‘क्या किसी ने लड़की से यह सवाल पूछा कि क्या वह बलात्कारी से शादी करना चाहती है? क्या यह सवाल है?… क्या यह समाधान है या सजा।’’